उत्तराखंड

डॉ कविता भट्ट को साहित्य अकादमी सम्मान के लिए चयन होने पर खुशी

राष्ट्रीय सम्मान

रुद्रप्रयाग मुख्यालय से लेकर कालीमठ और मदमहेश्वर घाटी में खुशी की लहर

श्रीनगर। डॉ कविता भट्ट शैलपुत्री को साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश का अखिल भारतीय आचार्य रामचन्द्र शुक्ल (आलोचना) पुरस्कार के लिए चयनित होने पर जनपद के विभिन्न लोगों ने खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि कविता ने साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करते हुए निरंतर सफलताएं हासिल की है।

साहित्य जगत के साथ ही अनेक संगठनों से जुड़े लोगों ने जताई खुशी

डॉ कविता भट्ट टिहरी गढ़वाल में जन्मी है। जबकि कोटमा कालीमठ में उनका ससुराल है। उनकी इस महती उपलब्धि पर समस्त प्रदेश वासियों, साहित्य जगत और व्यापक स्तर पर उनके पाठकों व प्रशंसकों ने खुशी व्यक्त की है। रुद्रप्रयाग मुख्यालय से लेकर केदारघाटी की कालीमठ और मदमहेश्वर घाटी में खुशी की लहर है। डॉ. भट्ट ने इस पुरस्कार के लिए अपने चयन हेतु अकादमी के निदेशक, निर्णायक मंडल तथा अकादमी और संस्कृति मंत्रालय को धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार मिलने से उनका दायित्व और भी अधिक बढ़ जाएगा। उन्होंने कहा कि वे अब पूर्व से भी अधिक परिश्रम करके शैक्षणिक और साहित्यिक जगत को नई कृतियाँ समर्पित करती रहेंगी। बता दें कि भारतीय दर्शन में योग दर्शन की विशेषज्ञ होने के साथ ही डॉ. कविता भट्ट एक गंभीर लेखिका, साहित्यकार, प्रखर वक्ता और कवयित्री हैं। जो शैलपुत्री के नाम से अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त हैं। डॉ. कविता भट्ट शैलपुत्री की लेखनी से अब तक 24 पुस्तकें और सैकड़ों रचनाएं सृजित हुई हैं। वर्ष 2020 में उन्हें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद की सलाहकार सदस्य भी मनोनीत किया गया। नीलांबरा ई-पत्रिका की संपादक, कैनेडा से प्रकाशित अंतरराष्ट्रीय पत्रिका हिन्दी चेतना के परामर्श मंडल की सदस्या होने के साथ ही डॉ भट्ट उन्मेष की राष्ट्रीय महासचिव और हिंदी साहित्य भारती अंतरराष्ट्रीय की प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। पहाड़ी महिला का संघर्षपूर्ण जीवन जीते हुए भी डॉ कविता भट्ट ने चार विषयों में स्नातकोत्तर, दर्शनशास्त्र और योग विषयों में यूजीसी नेट, पीएचडी और महिला सशक्तीकरण आदि विषयों में डिप्लोमा किया।

साहित्य जगत के क्षेत्र में मिली बड़ी उपलब्धि

डॉ भट्ट उत्तराखंड की पहली और एकमात्र महिला हैं जिनको दर्शनशास्त्र विषय में गुणवत्तापरक शोधों के लिए भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली द्वारा जेआरएफ, जीआरएफ तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, नई दिल्ली द्वारा पोस्ट डॉक्टरल फैलोशिप (महिला) जैसी महत्त्वपूर्ण फैलोशिप अवार्ड की गईं। भारतीय उच्चायोग, अनेक मंत्रालयों, साहित्य अकादमियों और शिक्षण संस्थानों इत्यादि में डॉ. कविता भट्ट निरंतर व्याख्यान हेतु आमंत्रित की जाती हैं। साथ ही मॉरीशस, यूएई, यूनाइटेड किंगडम और नेपाल इत्यादि के पटलों पर आमंत्रित व्याख्यान निरंतर प्रसारित हुए है। प्रसार भारती के अंतर्गत आकाशवाणी और दूरदर्शन केंद्रों पर वार्ताओं, रूपक और कविताओं का लंबा अनुभव रहा है। बेटी और हिमालय पर केंद्रित उनके हाइकु काव्य को महाराष्ट्र की सुप्रतिष्ठित कथक नृत्यांगना उर्वी प्राजक्ता सुकी ने प्रसिद्ध संगीतकार हरि प्रसाद चौरसिया के संगीत के साथ मंचों पर कथक नृत्य में प्रस्तुत किया है। डॉ भट्ट को हे न ब गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय, श्रीनगर गढ़वाल, उत्तराखंड में शोध और शिक्षण का सुदीर्घ अनुभव है।

पुरस्कार पर एक नजर-

साहित्य अकादमी, मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद्, मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग, भोपाल द्वारा अखिल भारतीय 13 (तेरह) एवं प्रादेशिक 15 (पन्द्रह) कृति पुरस्कार कैलेण्डर वर्ष 2019 के पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है। अखिल भारतीय प्रति पुरस्कार रुपये 1,00,000 (रुपये एक लाख) एवं प्रादेशिक प्रति पुरस्कार रुपये 51,000 (रुपये इक्यावन हजार) के साथ शॉल, श्रीफल, स्मृति चिह्न और प्रशस्ति के साथ रचनाकारों को अलंकृत किया जाता है। उल्लेखनीय है डॉ. विकास दवे, निदेशक, साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश के नेतृत्व में अकादमी ने पिछले चार वर्षों से लंबित पड़े इन पुरस्कारों की प्रक्रिया को सक्रियता और गतिशीलता के साथ संपन्न किया। वर्ष 2019 के लिए अखिल भारतीय आचार्य रामचन्द्र शुक्ल (आलोचना) पुरस्कार लेखिका और साहित्यकार डॉ कविता भट्ट, उत्तराखंड की कृति ‘भारतीय साहित्य में जीवन मूल्य’ को प्रदान किया गया है।

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