पुतला दहन करने आए व्यापारी एक दूसरे की पार्टियों पर लगाने लगे आरोप
रुद्रप्रयाग। रुद्रप्रयाग मुख्य बाजार में जीएसटी के सर्वे के खिलाफ पुतला दहन कार्यक्रम में व्यापारी आपस में ही उलझ गए। हालांकि बाद में सभी व्यापारियों ने एकजुट होकर व्यापार हित की बात स्वीकारी हो किंतु पुतला दहन के दौरान व्यापारी अपनी राजनीतिक पार्टियों की पैरवी करते दिखे। इस पूरे मामले में व्यापारी बंटे-बंटे नजर आए।
व्यापार संघ जिलाध्यक्ष बोले कांग्रेसी मानसिकता के लोगों ने किया विरोध, व्यापारी एकजुट
दरअसल प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के निर्देशों पर गुरुवार को जिलेभर में जीएसटी के सर्वे के खिलाफ पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किया जाना था। इस बीच रुद्रप्रयाग नगर में जैसे ही व्यापारी पुतला दहन और प्रदर्शन करने लगे तो नारेबाजी के दौरान ही कई भाजपा के पक्ष में तो कई कांग्रेस के पक्ष में बंटे दिखे। कांग्रेसी विचारधारा के व्यापारियों ने इस प्रदर्शन और पुतला दहन को केंद्र, राज्य सरकार के साथ जीएसटी के विरोध में बताया तो भाजपा समर्थित व्यापारियों ने इसे व्यापारियों के हित में जीएसटी सर्वे के खिलाफ आंदोलन बताया।
कांग्रेसी बोले केंद्र और राज्य सरकार के साथ ही जीएसटी का किया विरोध
व्यापार संघ के जिलाध्यक्ष अंकुर खन्ना एवं नगर अध्यक्ष चन्द्रमोहन सेमवाल, हरि सिंह बिष्ट ने कहा कि व्यापारियों द्वारा जीएसटी सर्वे के खिलाफ पुतला दहन कार्यक्रम था किंतु इसमें कुछ व्यापारी कांग्रेसी मानसिकता के चलते इसके सरकार के खिलाफ आंदोलन बताने लगे। वहीं व्यापारी राय सिंह बिष्ट, नरेंद्र बिष्ट, संतोष रावत, प्रशांत डोभाल आदि ने कहा कि जीएसटी को व्यापारियों पर थोपने वाली केंद्र और राज्य सरकार ही है इसलिए व्यापारियों ने केंद्र और राज्य की सरकार के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करते हुए पुतला दहन किया। इस पूरे घटनाक्रम में व्यापारी अलग अलग बंटे नजर आए।