उत्तराखंड

नशे से दूर रहकर हो सकता है स्वस्थ और सुंदर समाज का निर्माण- शैलारानी

मेरा उत्तराखंड व्यवसन मुक्त उत्तराखंड अभियान

केदारघाटी में शुरू हुआ आजादी के अमृत महोत्सव को लेकर नशा मुक्ति अभियान
रुद्रप्रयाग। समाज को नशा मुक्त बनाने का संकल्प लेकर प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विवि ने केदारघाटी में भी मेरा उत्तराखंड व्यवसन मुक्त उत्तराखंड को लेकर अभियान की शुरूआत कर ली है। केदारनाथ विधायक शैलारानी रावत ने हरी झंडी दिखाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।


प्रपिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय गढ़वाल क्षेत्र के सहयोग से मेरा उत्तराखंड, व्यसन मुक्त उत्तराखंड अभियान 20 अक्टूबर 2021 से गढ़वाल भर में चलाया जा रहा है। अब तक श्रीनगर, उत्तरकाशी, मेंड़खाल, चिन्यालीसौड़, गोपेश्वर कर्णप्रयाग ,जोशीमठ में कार्यक्रम करते हुए गुप्तकाशी में आयोज किया गया। यहां बाजार में व्यापारियों के साथ ही आम जन मानस को जागरूक किया गया। अतिथियों की मौजूदगी में कोविड प्रोटोकॉल का पूरा पालन किया गया। नशा मुक्ति की विस्तृत जानकारी वैन की एलईडी वीडियो शो के माध्यम से भाई-बहनों, बच्चों और अतिथियों को समझाया गया कि नशा एक मानसिक कमजोरी है जिसे सहज रीति से स्वयं की आंतरिक शक्तियों की अनुभूति से ठीक किया जा सकता है। राजयोग के अभ्यास से हम मानसिक तौर पर सशक्त बन जाते हैं साथ ही स्वयं और अपने परिवार को सुरक्षित रखते हुए सुंदर समाज के गठन में रचनात्मक योगदान प्रदान कर सकते हैं।

प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के सहयोग से हो रहा कार्यक्रम

गुप्तकाशी में उद्घाटन समारोह सहित मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाने के लिए पहुंची मुख्य अतिथि केदारनाथ विधायक शैलारानी रावत एवं थाना अध्यक्ष अजय कुमार जाटव ने प्रतिभाग किया। केदारनाथ विधायक शैलारानी रावत ने ब्रह्माकुमारीज के इस कदम को समाज उथान में लाइट और मइट हाउस का प्रकाश स्तम्भ बताते हुए कहा कि, यह जनसेवा हमारे समाज को सुधारने का बहुत बड़ा प्रयास है। उन्होंने पूरे रुद्रप्रयाग क्षेत्र में जगह-जगह इस अभियान को सहयोग देने के लिए अपने कार्यकर्ताओं को भी प्रेरित किया। साथ ही राजयोग मेडिटेशन से हुए अपने सुखद अनुभवों को भी उन्होंने साझा किया। इस मौके पर गढ़वाल क्षेत्र में अभी तक कुल मिलाकर 320 से अधिक कार्यक्रम हुए हैं जिसमें 200 से अधिक गांव, 120 शिक्षण संस्थान शामिल है। इसके अलावा जागरूकता अभियान एनटीपीसी, बीआरओ, सीआईएसएफ, आइटीबीपी, जैसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संस्थानों में भी किए गए हैं। अभी तक 50,000 से अधिक आम नागरिकों को व्यसन से हो रहे असाध्य रोग और दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया जा चुका है। जागरूकता अभियान से प्रभावित होकर अनेकों ने स्वेच्छा से नशे का त्याग किया है। कार्यक्रम को सफल बनाने में गढ़वाल जोन डायरेक्टर राजयोगी बीके मेहरचंद, बीके नीलम बहन, अनुसूया प्रसाद, केएस राणा, किरण शुक्ला, मनवर, रणजीत राणा सहित कई लोगों ने सहयोग दिया।
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