उत्तराखंड

लोकपर्व फूलदेई पर बच्चों ने बिखेरी अदभुत छटा

फूलदेई

दस्तक द्वारा आयोजित जिला स्तरीय प्रतियोगिता में 50 टीमों ने किया प्रतिभाग

राइंका कंडारा की टीम प्रथम तो राइंका मणिपुर द्वितीय और ल्वाणी तृतीय स्थान पर
रुद्रप्रयाग। रविवार को अगस्त्यमुनि के खेल मैदान में लोक कला एवं संस्कृति का अनोखा मिलन हुआ। दस्तक द्वारा आयोजित फूलदेई महोत्सव एवं घोघा जात्रा के दौरान जिलेभर से 50 से अधिक टीमों ने कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
यहां आयोजित घोघा नृत्य प्रतियोगिता में राजकीय इंटर कॉलेज कंडारा प्रथम, राजकीय इंटर कॉलेज मणिपुर द्वितीय , घोघा टीम ल्वाणी तृतीय, राजकीय प्राथमिक विद्यालय जैली चतुर्थ और मां मठियाणा घोघा टीम बैनोली ने पांचवां स्थान प्राप्त किया। सभी प्रतिभागी टीमों को स्मृति चिन्ह और नगद पुरस्कार दिया गया। महोत्सव में बाल विकास विभाग रुद्रप्रयाग द्वारा सहयोग किया गया।

कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि अपर निदेशक (माध्यमिक शिक्षा) गढ़वाल मंडल पौड़ी महावीर सिंह बिष्ट ने इस बात पर प्रसन्नता जताई कि, मंदाकिनी घाटी में बाल महोत्सव फूलदेई त्योहार का वृहद आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा यहाँ पांडव नृत्य, बगड़वाल नृत्य, रामलीला होती है, मगर बच्चों का यह एकमात्र त्यौहार है, जिसे पूरे राज्य में व्यापक स्तर पर मनाया जा रहा है। यह बच्चों का राज्य महोत्सव घोषित हो, इसके लिए यहाँ के लोगों को प्रयास करना चाहिए। कहा कि किताबी शिक्षा के अलावा बच्चों को अपनी संस्कृति और विरासत के बारे में अवगत कराया जाना चाहिए। विशिष्ट अतिथि गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय श्रीनगर के निदेशक लोक संस्कृति एवं निष्पादन केंद्र डॉ. डी आर पुरोहित ने कहा कि उत्तराखंड हिमालय में फूलदेई अकेला ऐसा बाल त्यौहार है, जो पूरे दुनिया में सिर्फ और सिर्फ बच्चों के द्वारा मनाया जाता है। इसके आयोजक भी बच्चे ही होते हैं और निर्देशक भी। इसको विश्व धरोहर सूची में सम्मिलित करने के गंभीर प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि मंदाकिनी घाटी सांस्कृतिक रूप से समृद्ध है और इस संस्कृति को आगे बढ़ाने के प्रयास किए जाने चाहिए। कार्यक्रम अध्यक्ष नगर पंचायत अध्यक्ष अरुणा बेंजवाल ने कहा कि ऐसा बडा़ आयोजन होने से हमारे नगर का गौरव बढ़ा है। भविष्य में इसे और अधिक भव्य स्तर पर आयोजित करना चाहिए। संचालन रंगकर्मी गिरीश बेंजवाल ने किया। महोत्सव में मांगल गीत हेतु रामेश्वरी देवी, स्वास्थ्य के क्षेत्र में दर्शनी देवी तथा युवा साहित्यकार कविता कैन्तुरा को उम्मीदों के पहाड़ सम्मान से सम्मानित किया गया।
इससे पूर्व जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आई टीमों ने परंपरागत वाद्य यंत्र और फूलदेई गीतों के साथ नगर में शोभायात्रा निकाली। इस मौके पर राशिसं के जिलाध्यक्ष आनंद सिंह जगवाण, महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास अधिकारी हिमांशु बडोला, श्रीनंद जमलोकी, प्रदीप सिंह राणा, प्रधानाचार्य -हरेंद्र सिंह बिष्ट, व्यापार संघ अध्यक्ष नवीन बिष्ट, आयोजन समिति के सदस्य हरीश गुसाईं, कालिका काण्डपाल, दीपक बेंजवाल, हेमंत फर्सवाण, ललिता रौतेला, कुसुम भट्ट, सुधीर बर्तवाल आदि मौजूद रहे। इस मौके पर आयोजित घोघा नृत्य प्रतियोगिता में राजकीय इंटर कॉलेज कंडारा प्रथम, राजकीय इंटर कॉलेज मणिपुर द्वितीय, घोघा टीम ल्वाणी तृतीय, राजकीय प्राथमिक विद्यालय जैली चतुर्थ और माँ मठियाणा घोघा टीम बैनोली ने पाँचवां स्थान प्राप्त किया सभी प्रतिभागी टीमों को स्मृति चिन्ह और नगद पुरस्कार दिया गया।

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